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गुरुवार, अक्तूबर 31, 2013

दीपावली पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त

इस वर्ष रविवार, 3 नवंबर की रात को दिवाली है, लेकिन अमावस्या तिथि शनिवार को ही रात 20:12 (आठ बजकर बारह मिनिट ) पर ही लग जायेगी और यह रविवार शाम 6.21 बजे तक ही रहेगी। उदया तिथि में अमावस्या होने के कारण दिवाली इसी दिन 3 नवंबर को ही मनाई जाएगी।

दीपावली पर पूजा करने का श्रेष्ठ मुहूर्त स्थिर लग्न एवं प्रदोष काल में माना जाता है|  प्रदोष काल रविवार सूर्यास्त से लेकर अगले 2 घंटे और 24 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल ६ बजकर ४५ मिनिट से ८ बजकर ४५ मिनिट तक रहेगा | इस दिन स्वाति नक्षत्र रहने के साथ ही चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा
दिवाली पूजन में अमावस्या, तिथि, प्रदोष काल, स्वाति नक्षत्र, स्थिर लग्न व शुभ चौघडि़ए का खास महत्व है और इस वर्ष यह योग रहेंगे। नए काम की शुरुआत शुभ चौघडिये में की जाती है | कुछ लोग पूजा के लिए भी  चौघडिये को सन्दर्भ बनाते हैं |  प्रातःकाल से सूर्यास्त तक दिवसकालीन  चौघडिये होते हैं और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक रात्रीकालीन चौघडिये माने जाते है |

अमृत, शुभ, लाभ तथा चल  आदि चार शुभ चौघडिये होते हैं जबकि रोग, काल तथा उद्वेग आदि अशुभ चौघडिये समझे जाते हैं जिसमे यात्रा और नए कार्य का प्रारंभ नहीं करना चाहिए | ३ नवम्बर को चौघड़िए का समय इस तरह होगा

उद्वेग  - 06:43:24 - 08:08:03  शुभ   - 18:00:38 - 19:36:02

चल   - 08:08:03 - 09:32:42      अमृत  - 19:36:02 - 21:11:26

लाभ   - 09:32:42 - 10:57:22      चल  - 21:11:26 - 22:46:51

अमृत  - 10:57:22 - 12:22:01     रोग  - 22:46:51 - 24:22:15+

काल   - 12:22:01 - 13:46:40     काल - 24:22:15+ - 01:57:39+

शुभ - 13:46:40 - 15:11:19        लाभ  -  01:57:39+ - 03:33:03+

रोग  - 15:11:19 - 16:35:58     उद्वेग  - 03:33:03+ - 05:08:28+

उद्वेग  - 16:35:58 - 18:00:38  शुभ - 05:08:28+ - 06:43:52+

दीपावली की आप सभी को बधाई |  माँ लक्ष्मी आप सभी पर कृपा बनाये रखें|
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